Skip to content
The Twenty Minute VCThe Twenty Minute VC

Girish Mathrubootham (HINDI): Biggest Product and Pricing Lessons from Scaling to $597M in ARR

Dubbed by ElevenLabs - Girish Mathrubootham is the founder and CEO of Freshworks, India’s first SaaS company to list on NASDAQ. Today, Freshworks has over $596M in ARR with a $5.27BN market cap, with investors like Accel Partners, Sequoia Capital, Tiger Global Management, and CapitalG. Girish is also a founding member of SaaSBOOMi, Asia’s largest community of founders and product builders, and has invested in over 60 startups. On top of that, Girish is also the Founder of Together Fund, a $150M fund focusing on Indian B2B companies going global from day 1. ----------------------------------------------- In Today’s Episode with Girish Mathrubootham We Discuss: 1. The Founding Moment Behind Freshworks: How did a horrible customer service experience prompt Girish to start Freshworks? What was the aha moment? What were Girish’s biggest challenges founding Freshwork in 2010? How was building the first product? What worked? What didn’t work? 2. Scaling Freshworks to a Global Company: Why does Girish believe Indian companies have to win globally before winning India? What were Girish’s biggest mistakes scaling Freshworks? What were his lessons? Why does Girish believe starting high and going down never works in software? When does Girish think is the best time to build the second product? How did Freshworks lose against Slack? What did he learn from the experience? 3. Becoming the Best Leader: How has Girish’s leadership style changed over time? What were Girish’s biggest hiring mistakes? What was Girish’s biggest challenge in building culture during COVID? What is one piece of advice Girish believes every CEO should follow? 4. Investing in the Future of India Tech: Why does Girish believe now is the time for India tech? What are the most common misconceptions of India tech? What traits does Girish look for in founders he invests in? What was Girish’s biggest investment mistake? What did he learn from it? ----------------------------------------------- Subscribe on Spotify: https://open.spotify.com/show/3j2KMcZTtgTNBKwtZBMHvl?si=85bc9196860e4466 Subscribe on Apple Podcasts: https://podcasts.apple.com/us/podcast/the-twenty-minute-vc-20vc-venture-capital-startup/id958230465 Follow Harry Stebbings on Twitter: https://twitter.com/HarryStebbings Follow Girish Mathrubootham on Twitter: https://twitter.com/mrgirish Follow 20VC on Instagram: https://www.instagram.com/20vchq Follow 20VC on TikTok: https://www.tiktok.com/@20vc_tok Visit our Website: https://www.20vc.com Subscribe to our Newsletter: https://www.thetwentyminutevc.com/contact ----------------------------------------------- #20vc #harrystebbings #girishmathrubootham #freshworks #product #partnership #founder #venturecapital #hiring #techworld #leadership #indianbusiness #hindi

Girish MathruboothamguestHarry Stebbingshost
Apr 20, 20241h 1mWatch on YouTube ↗

CHAPTERS

  1. 0:00 – 1:45

    शरारती बचपन से प्रोडक्ट-बिल्डर बनने तक: शुरुआती प्रेरणाएं

    गिरीश अपने बचपन के ‘नॉन-कन्वेंशनल’ स्वभाव और पढ़ाई/क्लासरूम के अनुभव साझा करते हैं, जो बाद में उद्यमिता की नींव बने। वे बताते हैं कि कैसे उन्होंने करियर के शुरुआती 10 साल प्रोडक्ट बनाने में लगाए और प्रोडक्ट मैनेजमेंट में स्विच किया।

    • बचपन में ‘शरारती’ और सिस्टम से टकराने वाला स्वभाव
    • करियर की शुरुआत में लंबे समय तक प्रोडक्ट-बिल्डिंग अनुभव
    • प्रोडक्ट मैनेजर बनने की दिशा में जानबूझकर मेहनत
    • काम से ‘मज़ा’ और क्यूरियोसिटी का महत्व
  2. 1:45 – 4:46

    Freshworks का बीज: टूटा टीवी, खराब कस्टमर सपोर्ट और ‘पब्लिक प्रेशर’ की ताकत

    ऑस्टिन से चेन्नई शिफ्ट के दौरान टूटा टीवी और इंश्योरेंस क्लेम में महीनों की परेशानी गिरीश को कस्टमर सपोर्ट की खामियां दिखाती है। एक ऑनलाइन फोरम पर पोस्ट वायरल होने से कंपनी को तुरंत कार्रवाई करनी पड़ी—यहीं से ‘कस्टमर को पावर’ देने वाले सॉफ्टवेयर का विचार मजबूत हुआ।

    • शिपिंग कंपनी के क्लेम प्रोसेस से निराशा
    • ऑनलाइन कम्युनिटी/प्लैटफॉर्म की वजह से जवाबदेही बनना
    • कस्टमर बनाम बड़ी कंपनी की ‘पावर इम्बैलेंस’ समस्या
    • ‘United Breaks Guitars’ जैसी घटनाओं से प्रेरणा
    • Freshdesk नाम/विचार का जन्म
  3. 4:46 – 6:56

    लॉन्च से पहले traction: Hacker News पोस्ट, AppSumo कॉन्टेस्ट और तेज़ बीटा रिलीज़

    गिरीश बताते हैं कि प्रोडक्ट तैयार होने से पहले ही उन्होंने मार्केटिंग और स्टोरीटेलिंग से डिमांड बना दी। Hacker News पोस्ट वायरल हुई, साइनअप्स आए, और टीम ने फीचर कट करके जल्दी अल्फा/बीटा शिप किया—जिससे शुरुआती ग्राहक मिलने लगे।

    • AppSumo/Lean Startup कॉन्टेस्ट के संदर्भ में शुरुआती मार्केटिंग
    • Zendesk के 300% प्राइस हाइक की कहानी से ‘moment’
    • Hacker News पर वायरल पोस्ट से सैकड़ों साइनअप
    • फीचर कम करके जल्दी अल्फा शिप करना
    • पहले 100/200 ग्राहकों तक तेजी से पहुंचना—बिना फंडिंग
  4. 6:56 – 7:40

    ‘V1 पर शर्मिंदा’ बनाम ‘क्रैश का डर’: शुरुआती रिलीज़ की असली चुनौतियां

    ‘V1 पर शर्म आनी चाहिए’ वाली कहावत पर गिरीश अपना अनुभव साझा करते हैं—वे शर्मिंदा नहीं थे, लेकिन स्केल/स्टेबिलिटी को लेकर बहुत सतर्क थे। वे धीरे-धीरे सीमित यूजर्स को रिलीज़ करके भरोसा बनाते हैं।

    • अल्फा रिलीज़ में सर्वर क्रैश का डर
    • 5→15→30 यूजर्स के बैच में रोलआउट
    • शुरुआती प्रोडक्ट की कमियों के बावजूद उपयोगकर्ता प्रतिक्रिया हासिल करना
    • जल्दी शिप करने और रिस्क मैनेजमेंट का संतुलन
  5. 7:40 – 8:42

    कम कीमत, सरल onboarding और SMB से शुरू करना: शुरुआती प्राइसिंग प्लेबुक

    गिरीश बताते हैं कि Freshdesk ने जानबूझकर प्रतियोगियों से बहुत कम प्राइस पॉइंट चुना, ताकि SMBs और बजट-सेंसिटिव सेगमेंट जल्दी अपनाएं। आसान UI और मूल्य-प्रस्तावना के मेल से शुरुआती ग्रोथ को बल मिला।

    • $9/$19/$29 प्रति एजेंट—कंपटीशन के $29 starting से नीचे
    • कम कीमत + अच्छा UI = शुरुआती adoption की मजबूत वजह
    • शुरुआती ग्राहक: SMBs और शिक्षण संस्थान
    • फीचर/टियर बढ़ाकर बाद में ऊपर जाने की रणनीति
  6. 8:42 – 9:30

    एंटरप्राइज से SMB की ओर ‘डाउन-मार्केट’ क्यों नहीं चलता; ‘अप-मार्केट’ कैसे चलता है

    वे स्पष्ट करते हैं कि एंटरप्राइज में शुरू करके SMB जीतना लगभग कभी काम नहीं करता, जबकि SMB से शुरू कर ऊपर जाना एक स्थापित पैटर्न है। Salesforce/HubSpot जैसी मिसालों के साथ वे ‘bottom-up’ विस्तार की लॉजिक समझाते हैं।

    • डाउन-मार्केट मूवमेंट का ऐतिहासिक रूप से कमजोर ट्रैक रिकॉर्ड
    • SMB से शुरू करके समय के साथ upmarket जाना ज्यादा संभव
    • स्केलिंग में सेगमेंट-फिट और उत्पाद विकास की भूमिका
    • उदाहरण: Salesforce, HubSpot, Freshworks
  7. 9:30 – 12:47

    Day-1 global: भारत में sell करने की कठिनाई, buyer mindset और शुरुआती India GTM

    गिरीश बताते हैं कि Freshworks शुरुआत से ग्लोबल था, और पहले ग्राहकों में कई महाद्वीप शामिल थे। वे भारत बनाम इंटरनेशनल ग्राहकों के ‘services mindset’ और ‘product mindset’ का फर्क समझाते हैं, साथ ही भारत में SaaS अपनाने के समय के बदलाव का संदर्भ देते हैं।

    • पहले 7 ग्राहकों का चार महाद्वीपों से होना
    • ‘$1 कमाना ₹1 से आसान’—मेंटोर की सीख
    • India buyers का services-oriented expectation बनाम self-serve buying
    • 2011 के आसपास भारत में SaaS की कम स्वीकार्यता
    • डिजिटल-नेटिव भारतीय स्टार्टअप्स (Flipkart आदि) से शुरुआती जीत
  8. 12:47 – 14:37

    PLG और CAC का फॉर्मूला: SEO/keywords, transparent pricing और zero-friction खरीदारी

    वे CAC को sales बनाम marketing कंपोजिशन में तोड़कर बताते हैं कि Freshworks ने क्या किया जो आज PLG कहलाता है। SEO/कीवर्ड-ड्रिवन डिमांड, self-serve signup, खुले दाम, और बिना कॉन्ट्रैक्ट-नेगोशिएशन—इन सबने छोटे ACV पर भी यूनिट इकोनॉमिक्स संभव बनाए।

    • US vs India SaaS में CAC का sales-heavy बनाम marketing-heavy अंतर
    • SEO + paid search + long-tail keywords से इनबाउंड डिमांड
    • वेबसाइट/प्रोडक्ट को self-serve onboarding के लिए डिजाइन करना
    • Transparent pricing, credit card checkout, no redlines/NDAs
    • Implementation-heavy SI dependency से दूरी
  9. 14:37 – 17:37

    Search का भविष्य: SEO से ‘Generative Engine Optimization’ तक

    गिरीश बताते हैं कि खोज व्यवहार बदल रहा है—लोग Google लिंक्स से हटकर ChatGPT जैसे मॉडल्स से सीधे उत्तर मांग रहे हैं। इसलिए ब्रांड/प्रोडक्ट की ‘AI-discoverability’ सुनिश्चित करना अगली बड़ी मार्केटिंग-फोकस एरिया है।

    • लोगों का keyword search से direct-answer इंटरफेस की ओर शिफ्ट
    • Generative Engine Optimization (GEO) का उभरता विचार
    • AI मॉडल्स में ब्रांड/प्रोडक्ट रिकॉल बनाम पारंपरिक SERP रणनीति
    • रेफरल पैटर्न में बदलाव की शुरुआती झलक
  10. 17:37 – 23:39

    भीड़भाड़ वाले मार्केट में जीत: एंटरप्राइज ‘लैंड एंड एक्सपैंड’, पैकेजिंग और प्लानिंग

    गिरीश बताते हैं कि ट्रैफिक-ड्रिवन इनबाउंड मॉडल में कौन आएगा यह कंट्रोल नहीं होता—यहीं से एंटरप्राइज भी organically आ सकते हैं। वे SolarCity उदाहरण से PLG के भीतर ‘land-and-expand’ दिखाते हैं और बताते हैं कि SMB बनाम एंटरप्राइज को अलग करने में पैकेजिंग (sandbox/audit logs आदि) कैसे काम आती है।

    • इनबाउंड में 5-लोगों की कंपनी और एंटरप्राइज टीम—दोनों आ सकते हैं
    • 2013 में Burger King/DHL/Sony/3M जैसे लोगो आना
    • SolarCity: 25-seat से multi-team 1000+ लाइसेंस तक विस्तार
    • CFO visibility/contract consolidation जैसी एंटरप्राइज चुनौतियां
    • Packaging द्वारा SMB vs Enterprise फीचर्स अलग करना (sandbox, audit logs आदि)
  11. 23:39 – 27:41

    मल्टी-सेगमेंट स्केलिंग की कीमत: ‘Twin Engine’ मॉडल, प्रोडक्ट/प्राइसिंग टकराव और हायरिंग कॉम्प्लेक्सिटी

    SMB/इनबाउंड और मिड-मार्केट/एंटरप्राइज—दोनों GTM को साथ चलाने से संगठन में तनाव आता है। गिरीश बताते हैं कि UI simplicity बनाम enterprise demands, ‘contact sales’ बनाम transparent pricing, और सही प्रकार के लीडर्स की भर्ती—ये सबसे कठिन संतुलन हैं।

    • मिड-मार्केट फोकस (500–5000 employees) का तर्क
    • Twin Engine: इनबाउंड PLG + एंटरप्राइज/मिड-मार्केट मोशन का संतुलन
    • एंटरप्राइज बिल्डिंग में UX/implementation पार्टनर्स की जरूरत
    • Sales टीम का ‘hide pricing’ दबाव बनाम open pricing नीति
    • दोनों मोशन्स समझने वाले नेताओं की भर्ती कठिन
  12. 27:41 – 31:22

    Hiring की बड़ी गलतियां: VC रेफरल पर भरोसा, रिज्यूमे-बायस और ‘पहले बड़े निर्णयों में शामिल रहना’

    गिरीश अपनी सबसे स्पष्ट गलतियां बताते हैं—VC रेफरल या बड़े ब्रांड रिज्यूमे से प्रभावित होना, और शुरुआती दिनों में नए लीडर्स को बिना पर्याप्त गाइडेंस के छोड़ देना। वे ‘cow in the pit’ रूपक से समझाते हैं कि नए लीडर को पहले सबसे जरूरी समस्याएं हल करनी चाहिए।

    • VC-referred उम्मीदवारों की स्वतंत्र व 360° जांच न करना
    • बड़े ब्रांड/अच्छे कॉलेज के रिज्यूमे से बहक जाना
    • ‘फ्रीडम’ देना सही, पर शुरुआती हाई-इम्पैक्ट निर्णयों में CEO को शामिल रहना चाहिए
    • लीडर ट्रांजिशन: mindset लाओ, playbook नहीं
    • ‘गाय को गड्ढे से निकालो’—पहले firefighting, फिर prevention
  13. 31:22 – 32:35

    Growth के दौरान org-बैलेंस: सेल्स तेज, इंजीनियरिंग पीछे—2015 की स्केलिंग सीख

    2015 में तेज़ ग्रोथ के दौरान Freshworks ने सेल्स हायरिंग तो की लेकिन इंजीनियरिंग/सपोर्ट क्षमता समान अनुपात में नहीं बढ़ाई। सर्विस रिक्वेस्ट्स बढ़ीं और साथ में रूबी अपग्रेड चल रहा था—इससे गिरीश को हेडकाउंट प्लानिंग और क्रॉस-फंक्शनल बैलेंस की अहमियत समझ आई।

    • सेल्स व्हील का इंजीनियरिंग से तेज घूमना
    • इंजीनियरिंग हायरिंग में कमी से सपोर्ट/बिल्ड पर दबाव
    • इन्फ्रा/अपग्रेड (Ruby on Rails) के दौरान ऑपरेशनल रिस्क
    • हेडकाउंट प्लानिंग प्रोसेस की जरूरत का एहसास
    • ‘बिल्डर्स’ को पर्याप्त महत्व देना
  14. 32:35 – 35:48

    मल्टी-प्रोडक्ट रणनीति: कब दूसरा प्रोडक्ट बनाएं, बोर्ड की सलाह, और Freshservice का ब्रेकआउट

    गिरीश बताते हैं कि दूसरा प्रोडक्ट शुरू करने का सही समय तब है जब पहला प्रोडक्ट ‘अच्छी तरह ग्रो’ कर रहा हो और कैश-फ्लो इंजन चल रहा हो। वे 2012 में बोर्ड/इन्वेस्टर्स की सलाह से एक प्रोडक्ट रोकने, फिर Freshservice (employee IT helpdesk) को वैलिडेट कर बनाने और उसकी शुरुआती तेज़ ग्रोथ साझा करते हैं।

    • दूसरा प्रोडक्ट कठिन समय (कट्स/ब्रेक-ईवन) में फंड करना मुश्किल
    • PMs को 2–3 साल आगे की रेवेन्यू लाइन पर सोचना चाहिए
    • 2012: ‘पहला प्रोडक्ट $1M भी नहीं’—मार्केट कन्फ्यूजन का जोखिम
    • Freshservice: external helpdesk की playbook को internal IT पर लागू करना
    • एक चौथाई Freshdesk customers के internal IT use-case ने दिशा दी
  15. 35:48 – 38:51

    जब प्रोडक्ट नहीं चलता: Freshconnect, late entry और pivot to integrations

    गिरीश एक फेल्ड/कम-चला प्रोडक्ट उदाहरण देते हैं: Freshconnect, जो Slack/Teams जैसी collaboration लहर के बीच आया लेकिन लॉन्च में देर हो गई। उन्होंने सीखा कि adoption जल्दी संकेत देता है, और फिर रणनीति बदली—अपने टूल को Slack/Teams integrations की तरफ मोड़ दिया।

    • Slack growth देखकर collaboration स्पेस में अवसर
    • टिकटिंग/वर्कफ्लो में ‘in-context collaboration’ का विचार
    • लॉन्च में 2+ साल लगना—market ने winners चुन लिए
    • CIO feedback: ‘हम पहले से Slack/Teams पर हैं’
    • फेल होने पर integrations/partnering से value capture
  16. 38:51 – 47:03

    Leadership, culture और उद्देश्य: ‘right people, then get out of the way’ + पैसे/प्रभाव पर दृष्टि

    गिरीश अपनी लीडरशिप को वातावरण बनाने, सही लोग हायर करने और टीम को स्वायत्तता देने के रूप में परिभाषित करते हैं। वे कोविड/रिमोट में संस्कृति बनाए रखने की कठिनाई, पैसे को ‘सर्विस’ के साधन के रूप में देखने, और युवाओं के लिए उद्देश्य खोजने पर विचार साझा करते हैं।

    • लीडर की भूमिका: environment बनाना + सही hiring + micromanage न करना
    • ‘Lead by Heart’: स्पष्ट फीडबैक, no sugarcoating, respect के साथ separation
    • Covid/Zoom-युग में culture-building की चुनौती
    • पैसा व्यक्ति को नहीं बदलता—वो ‘reveals’ करता है; giving-back का लक्ष्य
    • युवाओं के लिए purpose: जरूरतों/जीवन-चरणों के साथ समय के साथ स्पष्ट होता है
  17. 47:03 – 55:19

    भारत का SaaS/AI दशक: SaaSBoomi, Together Fund, AI talent और liquidity की बदलती कहानी

    गिरीश भारत में SaaS/AI स्टार्टअप्स की ‘सुनामी’ और इकोसिस्टम-बिल्डिंग के प्रयास (SaaSBoomi, Together Fund) बताते हैं। वे AI रिसर्च/टैलेंट पाइपलाइन, नए डील-फ्लो, और IPO/M&A जैसे एग्जिट्स से भारत में लिक्विडिटी बढ़ने की दलील रखते हैं।

    • 2016 में 40 SaaS कंपनियों से आज हजारों तक का विस्तार
    • SaaSBoomi में बढ़ती founder participation और समुदाय का प्रभाव
    • Together Fund को operator-led, SaaS+AI फोकस्ड फंड के रूप में बनाना
    • AI talent: IISc/CMI/IITs, और कॉलेज से निकली 3-लोगों की टीमों के impressive demos
    • Flipkart M&A, Freshworks Nasdaq IPO, Zomato/Paytm listings से liquidity narrative में बदलाव
  18. 55:19 – 59:21

    Investor mindset: ‘right to win’, craft, team-building—और एंजेल इन्वेस्टिंग की गलती

    वे बताते हैं कि वे फाउंडर्स में क्या देखते हैं: डोमेन में ‘right to win’, कारीगरी/विश्व-स्तरीय execution, और टीम बनाने की क्षमता। अपनी गलती के रूप में वे अत्यधिक आशावाद और बिना conviction छोटे चेक लिखने का जिक्र करते हैं, साथ ही Chargebee जैसी सफल निवेश कहानी भी आती है।

    • Right to win: डोमेन में समय/समझ और authentic advantage
    • Craft: डेक/प्रोडक्ट/डिटेल-ओरिएंटेड execution का स्तर
    • Company building = people; शुरुआती टीम-hiring क्षमता निर्णायक
    • एंजेल गलती: ‘help’ करने के लिए बिना conviction निवेश
    • Chargebee जैसे outlier winners से पोर्टफोलियो रिटर्न
  19. 59:21 – 1:01:13

    क्विक-फायर समापन: नई सीख, कमजोरी, जेफ बेजोस, फाउंडर गलतियां और 10 साल बाद की तस्वीर

    एपिसोड का अंत क्विक-फायर सवालों से होता है—पोकर पर राय बदलना, accountability वाली कमजोरी, जेफ बेजोस के साथ डिनर का कारण, फाउंडर्स की आम गलतियां, और 10 साल बाद की व्यक्तिगत आकांक्षा।

    • पोकर को जुए की बजाय strategy-game के रूप में देखना
    • लीडरशिप कमजोरी: लोगों को पर्याप्त ‘accountable’ न ठहराना
    • जेफ बेजोस: विज़न, साहस, product/engineering-first mindset
    • फाउंडर गलतियां: बाजार को कम आंकना, co-founder conflicts
    • 2034 लक्ष्य: भारत को वर्ल्ड कप में खेलते देखना

Get more out of YouTube videos.

High quality summaries for YouTube videos. Accurate transcripts to search & find moments. Powered by ChatGPT & Claude AI.